स्कूलें खोलने को लेकर आया नया अपडेट, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की बैठक में लिया गया ये बड़ा निर्णय
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्यों के साथ आम सहमति बनाने का निर्णय लिया है।
नई दिल्ली। 8 जून से देश में अनलॉक के पहले चरण के तहत धर्मस्थल, शॉपिंग मॉल्स, होटल, रेस्तरां आदि खुल गए लेकिन इस बात को लेकर अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है कि स्कूल व कॉलेज कब खुलेंगे। यदि वे खुलते हैं तो सुरक्षा के क्या नियम होंगे। स्कूलों एवं कॉलेजों को खोले जाने को लेकर केंद्र सरकार तैयारियों में जुटी है लेकिन इसके पहले हालात की समीक्षा की जा रही है। एक तरफ सरकार जहां पढ़ाई को लेकर मंथन कर रही है, दूसरी तरफ स्टूडेंट की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है। इसी बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्यों के साथ आम सहमति बनाने का निर्णय लिया है। आम सहमति के बाद ही अब दोबारा शैक्षणिक सत्र शुरू होने का रास्ता साफ हो सकेगा।
स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्र की तरह राज्य भी जल्दबाजी में नहीं हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सोमवार को बुलाई गई बैठक में ज्यादातर राज्यों ने स्कूलों के खोलने की योजना को अगले दो महीने तक और स्थगित रखने का सुझाव दिया है। तकरीबन सत्तर फीसद स्कूल को क्वारेंटीन सेंटर बनाने की बात भी बताई। इनमें करीब दौ सौ केंद्रीय विद्यालय भी शामिल हैं। ऐसे में मंत्रालय ने संकेत दिए है कि स्कूलों के खोलने को लेकर कोई भी फैसला 15 जुलाई के बाद ही लिया जाएगा।
राज्य केंद्र के गाइडलाइन के बाद ही निर्णय ले सकेंगे-
अनलॉक-1 के बाद कोराना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अनलॉक के अगले चरण की तैयारी की जाएगी, जिसकी फिलहाल 15 जुलाई के आसपास समीक्षा होगी। उसके बाद ही स्कूलों, कालेजों और कोचिंग सेंटरों को खोलने का निर्णय हो सकता है। मंत्रालय ने भी राज्यों के साथ चर्चा में साफ किया कि स्कूलों को लेकर कोई भी गाइडलाइन गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद ही जारी की जाएगी। इसके बाद ही कोई भी राज्य अपनी स्थिति के आधार पर स्कूलों को खोलने का निर्णय ले सकेंगे।
ऑनलाइन शिक्षा को लेकर राज्यों के साथ चल रही बातचीत-
मंत्रालय ने राज्यों के साथ ऑनलाइन शिक्षा को लेकर भी चर्चा की है। इस दौरान ज्यादातर राज्यों ने इसे लेकर तैयारी तेज करने की जानकारी दी। जबकि कुछ राज्यों ने ऐसे बच्चों के लिए स्कूलों को खोलने की जरूरत बताई, जिसके पास अभी ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ने का कोई माध्यम नहीं है। यानी टीवी, मोबाइल नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले कॉलेजों की रिओपेनिंग के बार में यूजीसी ने हाल ही में दिशा-निर्देश जारी किये थे, जिनके अनुसार, वर्तमान छात्रों के लिए कक्षाओं का आयोजन 1 अगस्त से आरंभ किया जाना है, जबकि दाखिला प्राप्त छात्रों के लिए कक्षाएं 1 सितंबर 2020 से आरंभ की जानी हैं। वैसे तो स्कूलों के खोले जाने का विषय राज्यों से जुड़ा है लेकिन एचआरडी मंत्रालय की ओर से स्कूल रिओपेनिंग 2020 को लेकर राज्यों को एडवाइजरी जारी की जा सकती है।
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्यों के साथ आम सहमति बनाने का निर्णय लिया है।
नई दिल्ली। 8 जून से देश में अनलॉक के पहले चरण के तहत धर्मस्थल, शॉपिंग मॉल्स, होटल, रेस्तरां आदि खुल गए लेकिन इस बात को लेकर अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है कि स्कूल व कॉलेज कब खुलेंगे। यदि वे खुलते हैं तो सुरक्षा के क्या नियम होंगे। स्कूलों एवं कॉलेजों को खोले जाने को लेकर केंद्र सरकार तैयारियों में जुटी है लेकिन इसके पहले हालात की समीक्षा की जा रही है। एक तरफ सरकार जहां पढ़ाई को लेकर मंथन कर रही है, दूसरी तरफ स्टूडेंट की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित है। इसी बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्यों के साथ आम सहमति बनाने का निर्णय लिया है। आम सहमति के बाद ही अब दोबारा शैक्षणिक सत्र शुरू होने का रास्ता साफ हो सकेगा।
स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्र की तरह राज्य भी जल्दबाजी में नहीं हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सोमवार को बुलाई गई बैठक में ज्यादातर राज्यों ने स्कूलों के खोलने की योजना को अगले दो महीने तक और स्थगित रखने का सुझाव दिया है। तकरीबन सत्तर फीसद स्कूल को क्वारेंटीन सेंटर बनाने की बात भी बताई। इनमें करीब दौ सौ केंद्रीय विद्यालय भी शामिल हैं। ऐसे में मंत्रालय ने संकेत दिए है कि स्कूलों के खोलने को लेकर कोई भी फैसला 15 जुलाई के बाद ही लिया जाएगा।
राज्य केंद्र के गाइडलाइन के बाद ही निर्णय ले सकेंगे-
अनलॉक-1 के बाद कोराना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए अनलॉक के अगले चरण की तैयारी की जाएगी, जिसकी फिलहाल 15 जुलाई के आसपास समीक्षा होगी। उसके बाद ही स्कूलों, कालेजों और कोचिंग सेंटरों को खोलने का निर्णय हो सकता है। मंत्रालय ने भी राज्यों के साथ चर्चा में साफ किया कि स्कूलों को लेकर कोई भी गाइडलाइन गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद ही जारी की जाएगी। इसके बाद ही कोई भी राज्य अपनी स्थिति के आधार पर स्कूलों को खोलने का निर्णय ले सकेंगे।
ऑनलाइन शिक्षा को लेकर राज्यों के साथ चल रही बातचीत-
मंत्रालय ने राज्यों के साथ ऑनलाइन शिक्षा को लेकर भी चर्चा की है। इस दौरान ज्यादातर राज्यों ने इसे लेकर तैयारी तेज करने की जानकारी दी। जबकि कुछ राज्यों ने ऐसे बच्चों के लिए स्कूलों को खोलने की जरूरत बताई, जिसके पास अभी ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ने का कोई माध्यम नहीं है। यानी टीवी, मोबाइल नहीं है।
गौरतलब है कि इससे पहले कॉलेजों की रिओपेनिंग के बार में यूजीसी ने हाल ही में दिशा-निर्देश जारी किये थे, जिनके अनुसार, वर्तमान छात्रों के लिए कक्षाओं का आयोजन 1 अगस्त से आरंभ किया जाना है, जबकि दाखिला प्राप्त छात्रों के लिए कक्षाएं 1 सितंबर 2020 से आरंभ की जानी हैं। वैसे तो स्कूलों के खोले जाने का विषय राज्यों से जुड़ा है लेकिन एचआरडी मंत्रालय की ओर से स्कूल रिओपेनिंग 2020 को लेकर राज्यों को एडवाइजरी जारी की जा सकती है।
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